Thursday, February 19, 2015

करवाचौथ



    कल व्रत रख रही मैं
    कुछ गिफ्ट तो दिलायो
    तुम्हारी लम्बी उम्र के लिए
    मैं भूखी रहूँ
    तुम भी कुछ फ़र्ज़ तो निभायो
    कहो तो जावेरीदास पर मिलूं
    पर गर बजट हो कम
    तो नल्ली पर ही रुकूं
    वैसे वो ठीक तो नहीं
    पर क्या करूँ
    कुछ उपाय भी तो नहीं
    कुछ तो कहो,
    राज़ दूर करो,
    आखिर दोस्तों को बताना है
    जिस सोसाइटी में रहते हैं
    इज्जत भी तो बचाना है
    पति बेचारा सोचा
    सौ तक गिना
    फिर नाप तोल कर बोला
    इस बार करवा चौथ रहने दो
    मैं कौन सा दूर हूँ
    अगले साल रख लेना
    थोडा हिसाब कर लेने दो
    गिफ्ट का जुगाड़ कर लेने दो
    तुम चाँद मांगती
    लाना आसान था
    सोना तो सातवें आसमान
    पर कबसे है विराजमान
    वैसे भी व्रत का कोई
    प्रभाव नहीं होने वाला
    महंगाई के अनल में
    ऑफिस की राजनीती प्रबल में
    शारीर रोज घिसता है
    जो बचता है मधुमेह
    और असंतुष्ट बॉस के भेंट चढ़ता है
    अगले साल व्रत कर लेना
    इस साल मिल कर जश्न मानते हैं
    तुम मुझे खाना खिलाओ
    हम तुम्हे खिलाते हैं